वीरेंद्रपुरी महाराज ने 16 अगस्त 1967 को यहां अखंड रामायण पाठ शुरू किया। 15 जुलाई 2005 को महाराजश्री के ब्रह्मलीन होने के बाद भी जारी है।from Jagran Hindi News - news:national https://ift.tt/2Db4Xnr
वीरेंद्रपुरी महाराज ने 16 अगस्त 1967 को यहां अखंड रामायण पाठ शुरू किया। 15 जुलाई 2005 को महाराजश्री के ब्रह्मलीन होने के बाद भी जारी है।
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