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छत्तीसगढ़ि‍या गा रहे रामचरित मानस में रमे गणेश का रमायन, हो गया कंठस्‍थ

हिंदी अवधि ब्रजभाषा में लिखा जा चुका रामचरित मानस अब पूरी तरह से छत्तीसगढ़ी में भी उपलब्ध है। गणेशराम राजपूत वर्ष 2017 में आयोग से छत्तीसगढ़ रत्न से भी सम्मानित हुए।

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