याचिका में IPC की धारा 194 से तुलना की गई है जिसमें वैसे ही अपराध के लिए अनिवार्य मृत्युदंड का प्रावधान नहीं है बल्कि अदालत को मृत्युदंड और कैद में चुनाव करने का विवेकाधिकार है।from Jagran Hindi News - news:national http://bit.ly/2UxS5hT
याचिका में IPC की धारा 194 से तुलना की गई है जिसमें वैसे ही अपराध के लिए अनिवार्य मृत्युदंड का प्रावधान नहीं है बल्कि अदालत को मृत्युदंड और कैद में चुनाव करने का विवेकाधिकार है।
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