शहीद मनोज ने अपने आगामी जीवन को लेकर कई तरह के सपने भी देखे थे। डेढ़ महीने की छुट्टी बीताने के बाद वह पिछले 6 फरवरी को ही कार्य में योगदान दिए थे।from Jagran Hindi News - news:national http://bit.ly/2DUG3ov
शहीद मनोज ने अपने आगामी जीवन को लेकर कई तरह के सपने भी देखे थे। डेढ़ महीने की छुट्टी बीताने के बाद वह पिछले 6 फरवरी को ही कार्य में योगदान दिए थे।
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