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न हारने की जिद: याददाश्त से लड़े, कैंसर को भी हराया और बने सिविल जज

जबलपुर के दो होनहारों ने मिसाल कायम की है। जबलपुर के दो होनहारों ने मिसाल कायम की है। याददाश्त से लड़कर सिविल जज बने तो, स्वाति चौहान ने खुद बच्चों को पढ़ाकर अपनी पढ़ाई की फीस जमा करके सिविल जज बनीं।

from Jagran Hindi News - news:national http://bit.ly/2FmJ83y

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