कृष्णा का लेखन हमेशा वक्त से आगे रहा, पर उनका लेखन हमेशा संयमित रहा। अपने कालजयी उपन्यास मित्रो मरजानी में उन्होंने अपने बेलौस संवाद के द्वारा कथा-भाषा को एक विलक्षण ताजगी दी।from Jagran Hindi News - news:national http://bit.ly/2UgLIeZ
कृष्णा का लेखन हमेशा वक्त से आगे रहा, पर उनका लेखन हमेशा संयमित रहा। अपने कालजयी उपन्यास मित्रो मरजानी में उन्होंने अपने बेलौस संवाद के द्वारा कथा-भाषा को एक विलक्षण ताजगी दी।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें