शायरी में जब लोग क्लासिकी से अधिक प्रभावित थे तब मुनीर नियाज़ी ने अलग डिक्शन गढ़ा। शुरूआती कुछ ग़ज़लों को छोड़ दें तो उनका सारा कलाम उनकी अपनी नुमाइंदगी करता है।from Jagran Hindi News - news:national http://bit.ly/2Q2598A
शायरी में जब लोग क्लासिकी से अधिक प्रभावित थे तब मुनीर नियाज़ी ने अलग डिक्शन गढ़ा। शुरूआती कुछ ग़ज़लों को छोड़ दें तो उनका सारा कलाम उनकी अपनी नुमाइंदगी करता है।
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