सबसे पहले बात उस शर्म की, जिसे अगर साल 2018 को अलविदा कहने और इस सबक के साथ याद रखा जाय कि महिलाओं के ख़िलाफ़ होने वाले यौन शोषण के ख़िलाफ़ न सिर्फ़ तगड़ी आवाज़ उठाई जायेगी बल्कि उस पर अमल भी होगा, तो बेहतर होगा।from Jagran Hindi News - entertainment:bollywood https://ift.tt/2SNnb08
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