बीते पांच-छह महीने से भले ही निर्यात में वृद्धि की रफ्तार दोहरे अंक में बनी हुई है, लेकिन यह और तेज हो सकती थी बशर्ते निर्यातकों की लागत में वृद्धि न हुई होती।from Jagran Hindi News - business:biz https://ift.tt/2ycxjYq
बीते पांच-छह महीने से भले ही निर्यात में वृद्धि की रफ्तार दोहरे अंक में बनी हुई है, लेकिन यह और तेज हो सकती थी बशर्ते निर्यातकों की लागत में वृद्धि न हुई होती।
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