2012 से 2017 के बीच पुणे में 2300 मरीजों पर यह अध्ययन किया गया है। अध्ययन में यह देखा गया कि अस्थमा की बीमारी ठीक हो गई। ठीक होने के बाद उन्हें दोबारा अस्थमा की दवा नहीं लेनी पड़ी।from Jagran Hindi News - news:national https://ift.tt/2D91cNy
2012 से 2017 के बीच पुणे में 2300 मरीजों पर यह अध्ययन किया गया है। अध्ययन में यह देखा गया कि अस्थमा की बीमारी ठीक हो गई। ठीक होने के बाद उन्हें दोबारा अस्थमा की दवा नहीं लेनी पड़ी।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें