फादर कामिल बुल्के ईसाई धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए भारत आए, लेकिन यहां उन्होंने हिंदी की दिव्यता को पहचाना। यहां बुल्के ने हिंदी और संस्कृति भाषा को सीखा और भारत में ही रच बस गएfrom Jagran Hindi News - news:national https://ift.tt/2MtVLZK
फादर कामिल बुल्के ईसाई धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए भारत आए, लेकिन यहां उन्होंने हिंदी की दिव्यता को पहचाना। यहां बुल्के ने हिंदी और संस्कृति भाषा को सीखा और भारत में ही रच बस गए
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