जब तक हम सूक्ष्म को मन में नहीं ग्रहण कर पाते, तब तक हमें मूर्तियों के सहारे ही उपासना करनी होती है। मूर्तिपूजा को लेकर विवाद पैदा करना उचित नहीं। स्वामी विवेकानंद का चिंतन..from Jagran Hindi News - news:national https://ift.tt/2CJ4ZSs
जब तक हम सूक्ष्म को मन में नहीं ग्रहण कर पाते, तब तक हमें मूर्तियों के सहारे ही उपासना करनी होती है। मूर्तिपूजा को लेकर विवाद पैदा करना उचित नहीं। स्वामी विवेकानंद का चिंतन..
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