11 अगस्त, 1908 को हाथ में गीता लेकर खुदीराम हंसते-हंसते फांसी पर झूल गए। तब उनकी आयु 18 साल 8 महीने और 8 दिन थी।from Jagran Hindi News - news:national https://ift.tt/2MdmLkY
11 अगस्त, 1908 को हाथ में गीता लेकर खुदीराम हंसते-हंसते फांसी पर झूल गए। तब उनकी आयु 18 साल 8 महीने और 8 दिन थी।
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