गुरुदत्त ने इतनी सारी फ़िल्में न भी की होतीं तो उनकी सिर्फ दो फ़िल्में ही उन्हें भारतीय सिनेमा में अजर-अमर का खिताब दे सकती थीं। उनमें से एक है ‘प्यासा’ और दूसरी ‘कागज के फूल’।from Jagran Hindi News - entertainment:bollywood https://ift.tt/2u3oZbC
गुरुदत्त ने इतनी सारी फ़िल्में न भी की होतीं तो उनकी सिर्फ दो फ़िल्में ही उन्हें भारतीय सिनेमा में अजर-अमर का खिताब दे सकती थीं। उनमें से एक है ‘प्यासा’ और दूसरी ‘कागज के फूल’।
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