कोर्ट ने शुरुआत में ही साफ कर दिया कि वह समलैंगिकों के विवाह, उत्तराधिकार और लिव इन रिलेशनशिप जैसे मुद्दों पर विचार नहीं करेगा।from Jagran Hindi News - news:national https://ift.tt/2m8vXYj
कोर्ट ने शुरुआत में ही साफ कर दिया कि वह समलैंगिकों के विवाह, उत्तराधिकार और लिव इन रिलेशनशिप जैसे मुद्दों पर विचार नहीं करेगा।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें