श्री श्री रविशंकर का चिंतन है सिर्फ आसन, प्राणायाम, ध्यान ही नहीं, बल्कि किसी कार्य को कुशलतापूर्वक करना या तनावरहित जीवन जीना, ये भी योग हैं।from Jagran Hindi News - spiritual:sant-saadhak https://ift.tt/2I8zeQ7
श्री श्री रविशंकर का चिंतन है सिर्फ आसन, प्राणायाम, ध्यान ही नहीं, बल्कि किसी कार्य को कुशलतापूर्वक करना या तनावरहित जीवन जीना, ये भी योग हैं।
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