राजनीति के मैदान में वह न सिर्फ नाम से बल्कि कर्म से भी अटल ही रहे। यह उनका व्यक्तित्व ही था जिसके चलते कोई उनकी बात को काटने की हिम्मत नहीं करता था।from Jagran Hindi News - news:national https://ift.tt/2JvT39E
राजनीति के मैदान में वह न सिर्फ नाम से बल्कि कर्म से भी अटल ही रहे। यह उनका व्यक्तित्व ही था जिसके चलते कोई उनकी बात को काटने की हिम्मत नहीं करता था।
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